Zika Virus का भारत में भड़ता प्रकोप : देश में फैल सकता है जानलेवा वायरस 

0
201
zika virus

ZIKA VIRUS : कैसे फैलता है ज़ीका वायरस, क्या है लक्षण, कैसे करें बचाव- जानिए सब कुछ इस उल्लेख द्वारा

क्या होता है ज़ीका वायरस और कैसे फैलता है ये ?

ज़ीका वायरस एक इंडीज़ इजिप्टी नमक  मचछर द्वारा फैलने वाला वायरस है जिसे जीका बुखार भी कहा जाता है। यह बुखार इस  मचछर के काटने से  फैलता है।  जीका बुखार डेंगू बुखार के परिवार से ही है जो दिन के समय सक्रिय हो जाता है। यह  वही मचछर है जो पीला बुखार, डेंगू और चिकिनगुन्या जैसे वायरसो को फैलाने के लिए ज़िम्मेदार है।
पिछले साल इस वायरस का शिकार हुए लोगो की मात्रा 147 थी जोकि इस वर्ष भड़कर 2400 करीब पहुंच चुकी है। भारत के सबसे रंगीन और संस्कृति से जुड़े राज्य राजस्थान को जीका वायरस ने अपना पहला शिकार बनाया है और आशंका है की यह वायरस जल्द ही भारत देश के अन्य राज्यों को भी प्रभावित कर सकता है। जीका वायरस के खतरे को तेज़ी से भड़ता देख अंतराष्ट्रीय विश्व स्वस्थ संगठन ने इससे निपटने के लिए कोशिशे तेज़ कर दी है

क्या कहना है विशेषज्ञों का इस वायरस के बारे में ?

zika virus
बीबीसी और विश्व स्वस्थ संगठन के अधिकारियो का कहना है की जीका सबसे पहले युगांडा के जंगलो में बंदरो में पाया गया था। साल 2007 में मिक्रोएसिया के एक द्वीप में इस वायरस ने बड़ी तेज़ी से पैर पसारे और फिर उसके बाद यह धीरे धीरे अन्य देशो में फैल गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ मामलो में तो यह बीमारी व्यक्ति के नर्वस सिस्टम को ऐसे डिसऑर्डर में बदल देती है जिससे पैरालिसिस होने का खतरा भी हो सकता है और अगर एक बार ज़ीका वायरस से ऐसी परिस्तिथि उत्पन्न होजाय तो व्यक्ति का उम्र भर ख्याल रखना पड़ता है।
इस वायरस से सबसे ज्यादा खतरा है गर्भवती महिलाओ को
zika virus
इस  वायरस से सबसे ज्यादा खतरा गर्भवती महिलाओ को है क्योकि इसके वायरस से नवजात शिशुओं का इम्यून सिस्टम कमज़ोर होजाता है और कुछ मामलो में बच्चा मारा हुआ पैदा होता है। हालाँकि अभी तक ऐसा सिर्फ २० % मामलो में हुआ है जबकि 80 % इसमें शिशु के मस्तिष्क का विकास पूरा नही हो पाता और उनका सिर सामान्य से छोटा रह जाता है जिसके कारण बच्चे को मेन्टल डिसऑर्डर्स रहने का खतरा रहता है। ऐसा इसलिए क्योकि छोटे मस्तिष्क के साथ ब्रेन पूर्ण रूप से विकास नहीं कर पाता और बच्चो को ब्रेन से सम्बंधित बीमारिया होने का खतरा रहता है।

क्या है ज़ीका वायरस के लक्षण?

zika virus

इस वायरस के लक्षण बिलकुल डेंगू  चिकिनगुनिया के बुखार के सामान ही है जैसे की –

* तेज़ बुखार  आना
* लाल आँखे होना
* जोड़ो में दर्द होना
* सिरदर्द होना
* शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना
 आमतौर पर ज़ीका बुखार होने पर यह लक्षण सात  दिन के अंदर सामने आ  जाते है। हालाँकि हर बुखार, सर दर्द, लाल आँखे   होने का मतलब यह नहीं है की आपको ज़ीका बुखार हुआ है। इसलिए इस रोग को पहचानने के लिए कुछ जांचे की जाती है जिसमे रक्त, मूत्र या लार संबंधी परीक्षण किए जाते है जिससे यह पता लगाया जा सके की   बुखार आने का कारण ज़ीका वायरस है या नहीं।

क्या है ज़ीका वायरस से बचने के उपाय ?

zika virus
जीका वायरस का अब तक  इलाज नहीं है, अभी तक न ही आयुर्वेद इसका इलाज ढूंढ पाया है और न ही मॉडर्न वर्ल्ड की दवाएं और वैक्सीन्स इस वायरस को भगाने में कारगर  साबित हुई है, इसलिए  प्रकोप में  इलाको में महिलाओ को गर्भधारण करने से बचने की सलाह दी हालाँकि मचछर के काटने से  बचने के लिए कुछ सावधानियों का प्रयोग किया जा सकता है –
* कपड़ो से शरीर का अधिकतर भाग ढक कर रखना, पूरी बाज़ू के कपडे पहनना जिससे शरीर कवर रहे और किसी भी मचछर के  काटने से फर्क  पड़े
* खिड़कियों   और दरवाज़ों  को बंद रखना ताकि कोई मचछर  बाहर से अंदर आकर आपके  वदन   को न काटे
* मचछरदानी और मॉस्क्वीटो रेपेलेंट  का प्रयोग कर आस पास के मचछरो को अपने आस पास से दूर भगाए
* कही  भी पानी को ज्यादा देर के लिए इकटठा न होने दे क्योकि ठहरे हुए पानी में वायरस फैलाने वाले मचछर अपने अंडे दे देते है और उन  अंडो से उत्पन्न होते है   ज़ीका वायरस जैसी खतरनाक बीमारी को फैलाने वाले विषाणु
* इस वायरस से प्रभावित जगहों पर यात्रा करने से बचाव करे।

BY- YASH GARG

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here