Why climate change is literally going to destroy the world?

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Why climate change is literally going to destroy the world

Climate Change

50 डिग्री सेल्सियस, भारत सरकार ने सभी लोगों को अपने घर से निकलने को मना कर दिया है, तेज गर्मी से हो सकती है आपकी मौत। जी हां अब वह समय दूर नहीं कि ऐसे समाचार हमें सुनने को मिलेंगे। सन 2026 तक धरती पर आराम से 50 डिग्री सेल्सियस महसूस किया जा सकेगा। हम यह चीज महसूस करते हैं कि हर साल पिछले साल के मुकाबले गर्मी ज्यादा बढ़ जाती है और इतना भी अनुमान है कि यह तापमान आगे बढ़ता रहेगा। इसका सिर्फ एक कारण है ग्लोबल वार्मिंग। यदि ग्लोबल वार्मिंग को नहीं रोका गया तो आने वाले सालों में गर्मियों में घर से निकलना नामुमकिन हो जाएगा।

 

साइंटिस्ट के हिसाब से क्लाइमेट (climate)  मे जो चेंज हो रहा है उससे आने वाली पीढ़ियां ही परेशन नहीं होंगी बल्कि हम सब भी वर्तमान समय मे इससे परेशान हो रहे हैं। जितना हमने सोचा भी नहीं था उससे कहीं ज्यादा क्लाइमेट (climate) में बदलाव दिख रहा है और माना गया है कि आगे जाकर और हालत खराब हो सकती है। अगले 10 सालों में यदि इसका कोई उपाय नहीं निकला तो आगे जाकर कई मौतें देखने को मिलेंगी।

 

Global Warming Due to Companies

Why climate change is literally going to destroy the world

सन 1988 से 100 कंपनियां ऐसी है जिनकी वजह से 71% कार्बन पोलूशन (carbon pollution) हो रहा है। यदि हमें किसी को शिकायत करनी है तो हम इन करोड़ों की कंपनियों को ही कर  सकते है। कई कंपनियां जैसे कि Shell, ExxonMobil , इनकी वजह से कई  बदलाव हो रहे हैं और यह कंपनियां तो कुछ भी नहीं चाइना के बड़े-बड़े फैक्ट्रियों के मुकाबले 10 में से 3 कंपनियां तो कोयले (coal) की खदानों की है। कोयले की वजह से क्लाइमेट में काफी बदलाव आता है यह बात चाइना तो समझ गया लेकिन रूस और अमेरिका नहीं समझे हैं और वह कोयले की खपत और बढ़ा रहे हैं।

 

Capitalism is the Root

पूंजीवाद (capitalism) की विरासत  ही क्लाइमेट का बदलाव है। यह मानना 1 तरीके से नामुमकिन है कि पूंजीवाद एक बढ़िया इकोनामिक (economic) सिस्टम है कई बार तो इस बात पर बहस भी हो चुकी है कि क्लाइमेट चेंज के पीछे किसका हाथ है और किसका नहीं। बड़ी-बड़ी कंपनियां जो अपना पूंजीवाद (capitalism) बढ़ाने में लगी है वह लोगों के बारे में नहीं सोचती बस अपना फायदा देखती है।  उनके हिसाब से उनके सारे बनाए हुए वस्तु वायु के लिए सही है लेकिन ऐसा नहीं होता  है।

Why climate change is literally going to destroy the world रुपया (money) असली नहीं होता लेकिन ग्रह (planet) (planet) असली होते हैं। रुपया तो बस एक इंसान की लालच (greed) है जो कि कभी खत्म नहीं होगी लेकिन हमारे ग्रह (planet) एक ना एक दिन खत्म हो ही जाएगा। इन सब का कारण पूंजीवाद (capitalism)  ही है। पूंजीवाद (capitalism) अभी हाल फिलहाल में ही आया है इससे पहले लोग एक दूसरे की वस्तु  के समझौता करते थे लेकिन पूंजीवाद (capitalism) हमारे दिमाग को खाली कर रहा है (brainwash) | पूंजीवाद (capitalism) में भी नेताओं का हाथ होता है हमें लगता है कि सरकार हमारे लिए कुछ कर रही है लेकिन मैं अपनी पूंजीवाद (capitalism) को बढ़ाने के लिए कुछ भी कर सकती है ताकि उनका इकोनामिक (economic) सिस्टम सही रहे।

Why climate change is literally going to destroy the world

अच्छी खबर यह है कि आज की टेक्नोलॉजी इतनी आगे है कि हम क्लाइमेट चेंज को कंट्रोल कर सकते हैं लेकिन बुरी खबर यह है की राजनीति इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहती। यदि हमने कुछ भी नहीं किया तो धरती एक ऐसी चीज बन जाएगी जिसमें इंसानों को रहना नामुमकिन हो जाएगा। और साइंटिस्ट के हिसाब से तो यह 2040 तक हो जाएगा यदि इसी तरह सब कुछ चलता रहा तो।  और यदि ऐसे ही चलता रहा तो एक ना एक दिन हम एक इंसानो की सूची बनानी पड़ेगी जो कि गायब हो चुके हैं।

 

Have a Safe Future

Why climate change is literally going to destroy the world

अच्छी खबर यह है कि आज की टेक्नोलॉजी इतनी आगे है कि हम क्लाइमेट चेंज को कंट्रोल कर सकते हैं लेकिन बुरी खबर यह है की राजनीति इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहती। यदि हमने कुछ भी नहीं किया तो धरती एक ऐसी चीज बन जाएगी जिसमें इंसानों को रहना नामुमकिन हो जाएगा। और साइंटिस्ट के हिसाब से तो यह 2040 तक हो जाएगा यदि इसी तरह सब कुछ चलता रहा तो।  और यदि ऐसे ही चलता रहा तो एक ना एक दिन हम एक इंसानो की सूची बनानी पड़ेगी जो कि गायब हो चुके हैं।

By- Siddharth Vikram

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