ईमानदारी से बताइये क्या आप खुद ही को अस्वीकार तो नही कर रहे हैं?

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stop rejecting your self

 Be honest – Are you rejecting yourself?

हम सभी को कभी न कभी किसी न किसी द्वारा अस्वीकारता का सामना करना पड़ा है जैसे- दोस्तों द्वारा, परिवार द्वारा, या जिन लोगों को हम प्यार करते थे या प्रशंसा करते थे, उनही के द्वारा। क्या आप जानते हैं? यह आपकी गलती नहीं है। हाँ सच में। हमे पता है कि ये बात निगलने के लिए काफी बड़ी है, लेकिन ईमानदारी से, ज्यादातर मामलों में लोग आपको अपने खुद के मुद्दों के कारण अस्वीकार यानी रिजेक्ट करते हैं। यह आपकी गलती नहीं है। जब कोई आपको अस्वीकार करता है तो यह एक दर्शाता है कि वे कैसे हैं – न की ये दर्शाता है की आप कौन हैं।

stop rejecting your self

सिवाय इसके हम सभी इसे व्यक्तिगत रूप से ले लेते हैं, है ना? जब हम किसी के द्वारा रीजेक्ट हो जाते हैं, तो हम सोचते हैं, “मेरे साथ कुछ गलत है या मुझमे ही कुछ कमी है नहीं तो मुझे, रीजेक्ट नहीं किया जाता”।  लोग आम तौर पर केवल खुद के बारे में सोचते हैं (मान भी लिजिए, आप जानते हैं कि यह सच है – क्योंकि आप भी अक्सर अपने बारे में सोचते हैं, है ना?)। जब आप कुछ ऐसा कहते हैं या करते हैं जिसे वे पसंद नहीं करते हैं, तो वे आपको अस्वीकार करने के लिए कुछ बात उठाते हैं या कहते हैं (जैसे की “तुम बेवकूफ हो!” (या बदतर))।

ऐसे वाक्य क्यूं? क्योंकि वे आपके बारे में नहीं सोच रहे हैं – वे खुद के बारे में सोच रहे हैं। यह सब उनके बारे में है, याद रहे! समस्या यह है – हम इसे गहराई से व्यक्तिगत रूप से ले लेते हैं।

Know the value of your self

हमें लगता है कि यह हमारे मूल्य पर एक प्रतिबिंब है। जब्की यह नही होता। आप असीम मूल्यवान और योग्य हैं। आप इसे गहराई से जानते हैं। यही कारण है कि जब आपको रीजेक्ट कर दिया जाता है, तो आप बहुत बुरा महसूस करते हैं क्योंकि आपको प्यार और स्वीकार्य होने की उम्मीद होती है। आप अपने दिल में गहराई से जानते हैं कि आप प्यार करने के योग्य हैं। हम सब यही अपेक्षा करते हैं। हां हम प्यार करने के लायक हैं। हमें प्यार देने और प्राप्त करने के लिए बनाया गया था – यही हमें मानव बनाता है: प्यार।

stop rejecting your self

जब कोई हमें अस्वीकार करता है, तो हम खुद को अस्वीकार करना शुरू करते हैं। यह बहुत बुरी बात है। क्यूं करते है आप ऐसा? क्योंकि अगर हम खुद को पसंद नहीं करते हैं, तो हम बहुत बुरे तरीके से कार्य करना शुरू कर देते हैं। उस बच्चे की तरह जो हमेशा ध्यान केन्द्रित करने की कोशिश करता है। स्कूल में, वह हमेशा परेशानी में पड़ जाता था। वह परेशानी में आने के लिए ऐसी चीजें करता था ताकि वह दुसरों का कुछ ध्यान केन्द्रित कर सके। भले ही यह नकारात्मक ध्यान था – कम से कम किसी ने देखा कि वह वहां था।

Stop rejecting your self

ऐसे ही, जब हम खुद को अस्वीकार करना शुरू करते हैं, तो हम उस बच्चे की तरह अभिनय करना शुरू करते हैं। हम उन ही चीजों को करना शुरू करते हैं जिन पर हम पछ्तावा करते है। हम पाते हैं कि हम उन कुछ व्यवहारों को रोक नहीं सकते जिन्हें हम रोकना चाहते हैं (जैसे शराब पीना या दवाओं का उपयोग करना)। हम उन लोगों के साथ समय बिताना शुरू कर देते हैं जो खुद को पसंद नहीं करते हैं जिनको परेशानी में पड़ना पसंद होता हैं क्योंकि इससे हमें अधिक आरामदायक महसूस होता है। दुख को संग पसन्द होता है।

अब खुद को अस्वीकार करना बंद करने का समय है। यह समय है कहने का, “जैसा हुं मै वो हुं और मुझे मै वैसा ही पसन्द हु!” कुछ दोस्तों और फिर अपने परिवार के साथ शुरू करें और फिर पूरी दुनिया को बताएं। यदि आप ऐसी चीजें कर रहे हैं जिन्हें आप पसंद नहीं करते हैं – ठीक है, इसे स्वीकार करें। अगर आपको माफी माँगनी है, तो इसे करें।लेकिन फिर अपने आप से कहें “मुझे पसंद है जो मै अंदर से हुं। मैं प्यार होने के योग्य हूँ! और पहला व्यक्ति जो मुझसे प्यार करेगा वह मै खुद हुं।“

यह वास्तव में दूसरों को भी आपको पसन्द करने की चुनौती देता है। जब आप अंदरूनी व्यक्तित्व को अस्वीकार करना बंद कर देते हैं, तो लोगों का आपको अस्वीकार करना कठिन लगेगा। प्यार संक्रामक है। जब आप प्यार करना शुरू करते हैं तो अन्य लोग भी करेंगे। और अगर कोई आपको अस्वीकार कर देता है, तो आप मुस्करा कर उन पर दया करेंगे क्योंकि आपको पता है कि वे एक अच्छी बात को खारिज कर रहे हैं।

~ स्टैफी ब्रिज़ावार

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