KNOW THE BENEFITS OF AYURVEDA

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benefits of ayurveda

आयुर्वेद को जानने के लिए यह जानकारी होना बहुत जरुरी है – KNOW THE BENEFITS OF AYURVEDA

खुशनुमा ज़िंदगी के लिए सबसे जरूरी है, संतुलन। आयुर्वेद इसी सिद्धांत पर काम करता है। बीमारियों से बचना और सेहतमंद जिंदगी जीना अगर आपका भी लक्ष्य है तो आयुर्वेद इसमें आपकी मदद कर सकता है। इस भागदौड़ भरी जीवनशैली में अपने लिए वक्त निकालना तो दूर की बात है, चैन की सांस लेना भी मुश्किल है। घर, ऑफिस, और बच्चों इन सभी जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत, अपनी जिंदगी कहीं पीछे छूट जाती है।  पर, इन व्यस्तताओं का मतलब यह नहीं है कि बीमारियां आपके पीछे नहीं पड़तीं।

benefits of ayurvedaअपनी सेहत को लेकर लगातार की जा रही इस अनदेखी के कारण कई बीमारियां देर-सबेर आप पर हमला कर देती हैं।  अगर आप बीमारियों से बचना और सेहतमंद ज़िंदगी से नाता जोड़ना चाहते हैं तो आपकी इस कोशिश में आयुर्वेद से आपको मदद मिल सकती है। आयुर्वेद का मुख्य लक्ष्य अच्छी जीवनशैली को अपनाकर, जिंदगी में संतुलन लाकर आपको बिमारियों से बचाए रखना है। अगर आप भी अपनी सेहत तंदुरुस्त रखना चाहते है तो आयुर्वेद के ये नुस्खे आपको सेहतमंद रखने में मदद कर सकते हैं:

वात, कफ और पित्त का संतुलन

benefits of ayurvedaआयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर वात, पित्त और कफ नाम के त्रिधातु में बंटा हुआ है। जब तक शरीर में इन त्रिधातुओं में संतुलन बना रहता है, तब तक हम स्वस्थ रहते हैं।  जैसे इनके बीच का सामंजस्य बिगड़ता है, सेहत खराब होने लगती है। आयुर्वेद की दिनचर्या वात, कफ और पित्त को ध्यान में रखकर निर्धारित की जाती है।

अगर आपको सेहतमंद जिंदगी जीनी है तो आपको अपनी दिनचर्या वात, कफ और पित्त के कालों के अनरूप तय करनी चाहिए, इनके विपरीत नहीं। आयुर्वेद के मुताबिक़ दो विपरीत प्रकृति के खाद्य पदार्थों को कभी भी एक साथ नहीं खाना चाहिए।  मसलन, बराबर मात्रा में घी और शहद को एक साथ खाने से वह ज़हर बन जाता है।  इसी तरह खाना हमेशा तभी खाना चाहिए, जब पहले खाया हुआ खाना प्यूरी तरह से पांच जाए।

खाना चुनें सेहतमंद

benefits of ayurvedaआयुर्वेद के हिसाब से जरूरी बात खाने को खाना नहीं, बल्कि उसे पचाना है।  अगर आपने १०० ग्राम खाया और १०० ग्राम पचाया, तो यह बहुत अच्छी बात है।  पर, अगर आपने खाना खाने के दौरान या खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पिएं।  ऐसा करने से भूख ख़त्म हो जाएगी और आपने जो खाना खाया है, यह अच्छी तरह से पच भी नहीं पाएगा।  आयुर्वेद के मुताबिक़ खाना खाने के एक घंटे बाद पानी पीना चाहिए।

पानी पिएं गुनगुना

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गुनगुना पानी पीने से पाचन तंत्र ठीक रहता है और त्वचा बी बाल सेहतमंद रहते हैं।  दरअसल गुनगुना पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है।  पसीने के माध्यम से शरीर के सारे जेहरीले तत्व बाहर निकल जाते हैं।  वात से उत्पन्न रोगों को ठीक करने में गर्म पानी पीना अमृत के समान फायदेमंद है।  क्यूंकी व्यक्ति की पाचन क्रिया अगर स्वस्थ है तो रोग उससे कोसो दूर रहते हैं।

हर्बल चाय से मिलेगी ताजगी

benefits of ayurvedaबिना चीनी वाली हर्बल चाय हर दिन पिएं।  इस प्रकार के पेय काम के बीच में ताज़गी का अनुभव देते हैं।  हर्बल चाय पीने से मोटापे से भी छुटकारा मिलता है।  सिर्फ अदरक वाली ब्लैक टी पीना भी सेहत के लिहाज से फायदेमंद है।  एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह चाय महिलाओं को उन दिनों से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलाती है।  जिन लोगों को कफ की समस्या होती है, उनके लिए भी यह चाय फायदेमंद है।

व्यायाम है सबसे जरूरी

benefits of ayurvedaसेहतमंद रहने का सबसे आसान और अच्छा उपाय है नियमित व्यायाम. नियमित रूप से हल्का-फुल्का व्यायाम करें. सूक्ष्म व्यायाम में पवनमुक्त आसन का अभ्यास उपयोगी है. इससे शरीर के जोड़ों में फंसे हुए वात को निकलने में सहायता मिलती है. किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में कुछ दिन यह आसान करें, फिर खुद से इस आसान को करें. नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से भी शरीर को काफी लाभ मिलता है.

ध्यान का सहारा

benefits of ayurvedaव्यस्तता कितनी भी ज्यादा हो, थोड़ा वक्त ध्यान के लिए जरूर निकालें. इससे मन में नई ऊर्जा का संचार होता है और मन-मस्तिष्क शांत रहता है. हर दिन १५ मिनट ध्यान जरूर करें. नियमित ध्यान करने से आप अपना काम बेहतर तरीके से कर पाएंगे.

~ स्टैफी ब्रिज़ावार

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