Simple Tips on “How To Celebrate Eco Friendly Diwali”

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Simple Tips on “How To Celebrate Eco Friendly Diwali”

दूभर नहीं होगा घर में सांस लेना इस दिवाली

दिवाली के आसपास घर हो या बाहर, कहीं भी सांस लेना दूभर हो जाता है।  घर के बाहर की स्थिति पर आपका नियंत्रण नहीं है, लेकिन घर के भीतर तो है। पर्यावरण के बढ़ते प्रदुषण को देखते हुए हम यह तसल्ली कर लेते हैं कि घर की हवा शायद शुद्ध है। लेकिन, बाहर की हवा के मुकाबले घर के अंदर की हवा दो से पांच गुना ज्यादा प्रदूषित एवं जहरीली होती है. दिवाली के आसपास स्थिति और बिगड़ जाती है. इसी हवा में हम चौबीसों घंटे सांस लेते हैं। सिरदर्द, तनाव, आँखों में जलन और ऐलर्जी के तौर पर इसके प्रभाव भी हमारे सामने आते है। आखिर घर की हवा इतनी ज्यादा जहरीली कैसे हो जाती है?

simple tips on" how to celebrate eco friendly diwali"

दरअसल, साफ़-सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले कीटाणुनाशकों, साबुन-शैम्पू आदि में टॉक्सिक गैसें मौजूद होती हैं. अगर घर में किसी को धूम्रपान की आदत है तो उसका धुंआ हवा को सबसे ज्यादा दूषित करता है. घर में पेंट, ऑफिस और घर के वुड वर्क पर लगी पोलिश भी घर में मौजूद हवा को जहरीला करने में भूमिका निभाते हैं. घर के कारपेट में मौजूद धूल में बसे जीवाणु भी यह काम करते हैं. यानी घर में अशुद्धि फैलाने वाला सामान घर के अंदर ही मौजूद होता है. ऐसे में घर की हवा को शुद्धःत का भी ख़ास ख़याल रखना जरूरी है, क्योंकि मामला सेहत का है. इस दौरान कैसे घर की आबोहवा को रखें शुद्ध, आइये जानिए

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वेंटिलेशन बढ़ाएं

हवादार घर में नमी नहीं ठहरती. अगर आपके घर की बनावट इस तरह की है की प्राकृतिक हवा ठीक से नहीं आ पाती है तो वेंटिलेशन के लिए अन्य विकल्प जरूर रखें. घर के अंदर की हवा में नमी का होना सबसे बड़ी समस्या है. ऐसे में एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल सबसे सही है. इससे घर के अंदर की प्रदृषिट हवा साफ़ हो जाएगी. किचन में एक्सॉस्ट फैन जरूर लगाएं. खाना बनाते वक्त उठने वाला धुंआ घर के अंदर की हवा को अशुद्ध और प्रदूषित करने में सबसे एहम भूमिका निभाता है. अगर गैस स्टोव पर खाना बना रही हैं, तो घर के अंदर की हवा और प्रदूषित हो जाती है.

प्राकृतिक मोम की मोमबत्ती

अगर आप इस दिवाली अपने घर को मोमबत्तियों से रोशन करना चाहती हैं तो इसके लिए पैराफिन मोमबत्तियां को घर न लाएं. इनमें मौजूद पेट्रोलियम पदार्थ जलने पर बेंजीन नाम का केमिकल रिलीज़ करते हैं, जो हवा में मिलता है. यह दिखने में जितनी अच्छी लगती हैं, पर उससे कहीं ज्यादा नुक्सान पहुंचाती हैं. मधुमक्खी के मोम या अन्य प्राकृतिक मोम से बनी मोमबत्ती को तरजीह दें. यह हवा को स्वस्थ बनाती हैं और मौजूद जेहरीले तत्वों को ख़त्म करती हैं. धीरे-धीरे जलती हैं, लिहाज़ा बार-बार इन्हें बदलने की भी जरुरत नहीं है. मधुमक्खी के शुद्ध मोम की बनी मोमबत्ती जलने पर धुंआ नहीं छोड़तीं. अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए इसके ख़ास फायदे हैं, इसलिए मोमबत्ती की खरीदारी करते वक्त ऐसे विकल्पों अपनाएँ.

चारकोल का कमाल

घर की अंदर की हवा को शुद्ध करने के लिए एक्टिवेटिड चारकोल बहुत अच्छा विकल्प है. इसे एक्टिव कार्बन भी कहा जाता है. हवा में से जेहरीले तत्वों को यह जादुई तरीके से ख़त्म करता है. इसके अलावा हवा को साफ़ करने का एक दुसरा बेहतर तरीका है बैम्बू चारकोल. घर के अंदर के वातावरण को साफ़ रखने में आप इसकी मदद भी ले सकती हैं.

पेड़-पौधों की लें मदद

नासा द्वारा किए गए शोध के अनुसार, घर में लगे पेड़-पौधे घर को शुद्ध रखते हैं. इसका हमें कोइ साइड इफ़ेक्ट नहीं होता और वातावरण में से बेंजीन, अमोनिया जैसे हानिकारक तत्वों का सफाया हो जाता है. घर के अंदर की हवा में बसी गंदगी को दूर करने का यह सबसे अच्छा और टिकाऊ तरीका है. विशेषज्ञों के अनुसार प्रभावशाली तरीके से हवा को साफ़ करने के लिए प्रत्येक सौ वर्ग फ़ीट के एरिया में एक पौधा होना चाहिए.

ये तेल होंगे मददगार

कुछ तेल जैसे की दालचीनी, अजवाइन, रोजमेरी, ग्रेपफ्रूट लेमन, लॉन्ग के तेल आदि का इस्तेमाल घर के भीतर करने से हवा में फंगस, वायरस, बैक्टीरिया जीवित नहीं रह पाते. वेबर स्टेट यूनिवर्सिटी में हुए अध्ययन के मुताबिक़, हवा में पनपने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ कुछ तेल ९९ फीसदी मुकाबला करने में सक्षम हैं. ये कुछ तेल कीटाणुओं से लड़कर उन्हें ख़त्म करते हैं और हवा को शुद्ध बनाते हैं. हवा को स्वच्छ और तरोताज़ा बनाने के लिए इन तेलों को आप साबुन और डिटर्जेंट में भी मिला सकती हैं.

इन बातों का भी रखें ख़याल

घर के कारपेट बहुत अधिक जहरीले होते हैं. उन्हें जल्दी-जल्दी साफ़ करते रहें. खासकर घर के मुख्य द्वार पर रखे कारपेट की सफाई का ख़ास ध्यान रखें. ध्यान रखें घर में किसी तरह की नमी और धूल-मिट्टी न रहें. केमिकल प्रोडक्ट जैसे की पेंट, डिटर्जेंट और सिंथेटिक फाइबर्स का उपयोग भी कम से कम ही करें. ड्राई डस्टिंग बिलकुल न करें. एक गीले कपड़े से डस्टिंग करें. सफाई के दौरान उड़ने वाले धूल के कड़ों में सांस न लें. धूम्रपान घर के अंदर न करें. जब भी घर के लिए कुछ सामान खरींदे तो केमिकल के वजाए प्राकृतिक उत्पाद चुने. घर के पेड़-पौधों की पत्तियों को साफ़ करते रहें.

~ स्टैफी ब्रिज़ावार

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