क्या आप जानते है सोकोत्रा में एलियन जैसे दिखते है पेड़, निकलता रहता है पुरे दिन पेड़ों से खून, जानिए क्या है इसकी वजह ?

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THE ALIEN WORLD ON EARTH, SOCOTRA ISLAND

यमन देश की राजधानी से 240 मील दूर, गार्डफुई चैनल और अरेबियन सागर के बीच में स्थित है एक अनोखा आइलैंड सोकोत्रा, जिसके बारे में अपने आज से पहले शायद् ही सुना होगा। सोकोत्रा आइलैंड यमन देश की चार टेरिटरीज में से एक है। सोकोत्रा चारो टेरिटरीज में सबसे बड़ी है। हिन्द महासागर और गालापागोस के बीच स्थित इस आइलैंड को अपनी शानदार जैव विविधता के कारण जाना जाता है। इस द्वीप पर एक तिहाई पौधे ऐसे है जो कहीं और नहीं पाए जाते है।  वनस्पति वैज्ञानिको ने बताया कि सोकोत्रा का वनस्पति दुनिया के दस सबसे खतरनाक देशो में से एक है। इस आइलैंड पर आपको कई सारी असामान्य वनस्पतियां मिल सकती है जिन्हे आपने पहले कहीं और नहीं देखा होगा। हालाँकि यह आइलैंड घूमने के लिए काफी दिलचस्प और रहस्यमई है।

7 UNKNOWN FACTS ABOUT SOCOTRA ISLAND

1. MOST ALIEN LOOKING PLACE ON EARTH

इसाई  धर्म को मानने वाले कई लोग जो यहा आये उनका कहना यह है की सोकोत्रा आइलैंड बिलकुल उनकी होली बुक बाइबिल में बताये गए गार्डन ऑफ़ ईडन के जैसा है। लोगो का मानना यह भी है की यह पेड़ पौधों पर हो रहे अत्याचारों को दर्शाते हुए यह दिखता है की जब उन्हें काटा जाता है तब उनमे से खून निकलता है।

2. WORLD HERITAGE SITE

विक्टोरिया फॉल्स की तरह सोकोत्रा आइलैंड को भी UNESCO की लिस्ट  में रखा गया है। सोकोत्रा के अलग अलग फ़्लोरा और फौना, प्लांट जातियो, स्नैल स्पीशीज और रेप्टाइल स्पीशीज जो सोकोत्रा को किसी और देश से अलग बनाता है। आजकल  लोगो के बीच वैसे भी एलियंस को देखने में बहुत दिलचस्पी है इसलिए लोग यहा  के एलियन जैसे दिखने वाले पेड़ो को देखने के लिए यहां आ सकते है यह सोचके UNESCO ने सोकोत्रा को अपनी लिस्ट में शामिल किया है।

3. PARADISE TO BIRD

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सोकोत्रा को चिडियो का स्वर्ग इसलिए कहा जाता है क्युकी यह सौ से भी अधिक प्रकार की पक्षियों की स्पीशीज पायी जाती है।  कुछ पक्षी तो यहाँ ऐसे है जिन्हे आपने  पहले शायद विश्व में देखा ही नहीं होगा जैसे की सन बर्ड, बंटिंग बर्ड, सोकोत्रा वालबेर और न जाने कितने ऐसे पक्षी है जिन्हे अपने पहले न देखा हो।

4. NATURAL BIODIVERSITY

ACCORDING TO ARTICLE POSTED IN CNN सोकोत्रा की टोटल पॉपुलेशन 44,000 है। इसके बाबजूद यहाँ पर नेचुरल जैवकविधया जीवित है। आमतौर पर किसी भी स्थान पर ऐसा होना, मुश्किल है की इतने आबादी में नेचुरल जैवकविधिया जीवित रहे।

5. THE DRAGON TREE

यह ड्रैगन ब्लड ट्री सोकोत्रा आइलैंड की सबसे अनोखी चीज़ है जिसे देखने के लिए ट्रैवेलर्स दूर दूर से आते है। इन् पेड़ो को द्रकएना किन्नाबेरी के नाम से भी जाना जाता है। यह पेड़ देखने में बिलकुल एक मशरुम या एडेमिक छाते के जैसे प्रतीत होते है। सोकोत्रा ड्रैगन ब्लड ट्रीज लाल रंग का सैप प्रोडूस करते है जो दिखने में बिलकुल खून जैसे प्रतीत होते है और इसी वजह से इनका नाम ड्रैगन ब्लड ट्रीज रखा गया है। पहले के ज़माने में यह सैप बालों को रंगने के काम आता था बाद में इसका प्रयोग दन्त मंजन और दवाइयों में प्रयोग होने लगा जिसके कारण अब इस ड्रैगन ब्लड की कीमत भारतीय मूल्य के अनुसार हज़ारो में है। इस पेड़ पर फूल सिर्फ मार्च के महीने के आस पास ही आते है और बाकी पूरा साल यह पेड़ पत्तियों से ही घिरा रहता है।
पेड़ के निचले शाखाओ पर एक फल भी पाया जाता है जोकि शुरुआत में हलके नारंगी रंग का होता है लेकिन बाद में वह लाल रंग का हो जाता है। इस फल को बेररी के नाम से जाना जाता है और इसे पकने में तक़रीबन पांच महीने का वक़्त लगता है लेकिन कोई भी इसे खाना पसंद नहीं करता इसलिए यह फल ज्यादातर पक्षी और जानवर ही खा लेते है।

6. IMPORTANT TRAVEL FACT: THE ISLAND OF SOCOTRA HAS NO CONCRETE ROAD

 कम आबादी होने के कारण यहाँ की सरकार यहा के विकास में ज्यादा ध्यान नहीं देती। साथ ही साथ यहा ज्यादा टूरिस्ट भी नहीं आते जिससे की देश की इकॉनमी में बड़ोतरी हो इसलिए सोकोत्रा आइलैंड ज्यादा विकसित नहीं है। सोकोत्रा के साथ साथ यह तीन और आइलैंड भी है संहा, दर्शा और अब्द अल कुरी।  इन चारो आइलैंड पर हर साल करीब तीन हज़ार टूरिस्ट आते है।

7. CLIMATE CONDITIONS

सोकोत्रा में मौसम गरम और सूखा ही रहता है। हिन्द महासागर के नज़दीक होने के कारण यहा पानी की कोई कमी नहीं होती वर्ण यहां बारिश न के सामान ही होती है।  सोकोत्रा  में रहने वाले लोगो को गर्म मौसम और कम सुविधाओं के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।  तो अगर आप इस जगह को घूमना चाहते है तो जरुरी है की थोड़ी जाँच पड़ताल करके ही जाए|
BY – YASH GARG

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