चीन का नया अविष्कार: चीन के आसमान में दिखेंगे ३-३ चाँद 

0
83

China to Launch Artificial Moon

हम सभी चीन और चीनी माल का प्रयोग कहीं न कहीं अपनी दैनिक दिनचर्या में करते ही है। खासकर की जो mobile phone हम इस्तेमाल करते है वे ज्यादातर चीन से ही बन कर आते है। दिवाली पर इस्तेमाल होने वाली लाइट्स और झालर भी चीन से ही आती है लेकिन अब बहुत जल्द ही एसा हो सकता है कि वहाँ पर लोग लाइट्स की जगह रात को  चाँद का इस्तेमाल करे अपने आस पास रौशनी फैलाने के लिए। आप सोच रहे होंगे कि क्या मज़ाक है ये ?लेकिन ये मज़ाक नहीं है -जानिए कैसे ?

स्ट्रीट लाइट्स न होने की समस्या होगी खत्म

China to Launch Artificial Moon
   हम जहाँ  सोचते है की इक्कीसवी सदी में टेक्नोलॉजी ने कमाल कर दिया, वही चीन एक नए कारनामे के साथ विश्व के सामने आया है। चीन जल्द ही अंतरिक्ष में आर्टिफीसियल चाँद लॉन्च करने जा रहा है। इसके पीछे का उदेश्य है स्ट्रीट लाइट्स न होने की समस्या से निजात पाना। शाम होते ही सड़को पर अँधेरा छा जाता है और इस समस्या को ख़त्म करने के लिए चीन अपना खुद का बनाया हुआ चाँद अपने आसमान में लॉन्च करेगा जिससे कहि भी चीन में अँधेरा न रहे।

आठ से दस किलोमीटर तक रौशनी फैलाएगा आर्टिफीसियल चाँद

इस आर्टिफीसियल चाँद के द्वारा आठ से दस किलोमीटर तक की दुरी के इलाको को देर शाम होने वाली स्ट्रीट लाइट्स जैसी रौशनी से रोशन किया जा सकेगा। इस अर्टिफिशियल चाँद की रौशनी की तीव्रता को समय के अनुसार एडजस्ट किया जा सकेगा और इसकी रौशनी को मीटर की सटीकता से कंट्रोल किया जा सकेगा।

असली चाँद से आठ गुना ज्यादा चमकदार होगा आर्टिफीसियल चाँद

China to Launch Artificial Moon
इस चाँद में दरअसल शीशे से बने उपग्रह होंगे जिनसे लाइट टकराकर सड़को पर रीफ़्लेक्ट होगी और यह रौशनी स्ट्रीट लाइट्स को बदलने के लिए पर्याप्त होगी। इसका साइज चाँद के असली साइज से चार गुना बड़ा होने की संभावना है और इसकी रौशनी 8 गुना ज्यादा होने के अनुमान अधिकारियो द्वारा बताए गए है।

2020 तक ख़त्म हो जाएगा यह प्रोजेक्ट

एक चीनी वैज्ञानिक ने बताया है की साल 2020 तक यह अर्टिफिशियल चाँद का प्रोजेक्ट ख़त्म हो जायेगा। उन्होंने बताया कि  इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में उन्हें काफी चुनोतियो का सामना करना पड़ रहा  है। इतनी टेक्नोलॉजी होने के बाबजूद अभी भी कुछ तकनिकी समस्याओ का सामना करना जारी है इसलिए इस प्रोजेक्ट को पूर्ण रूप से ख़त्म करने में साल 2020 तक का समय लग सकता है। इसके बाद तीन और कृतिम उपग्रहों को 2022  तक लांच किया जायेगा जिन्हे 360 डिग्री के क्षेत्र में  इस तरह बांटा जयेगा की प्रत्येक क्षेत्र को 24 घंटे रौशन रखा जा सके।

500 किलोमीटर की ऊँचाई पर होगा चाँद

China to Launch Artificial Moon
चीन के टेक्नोलॉजीक शहर चेंगडू में करीब 500 किलोमीटर की उचाई पर केंद्रित किया जायेगा यह चाँद। तियंफू सिस्टम ऑफ़ साइंस रिसर्च इंस्टिट्यूट के हेड वू चुन्फेन्ग  ने बताया की चाँद को कम उचाई पर रखने से रौशनी ज्यादा होगी और चाँद ज्यादा चमकदार होगा लेकिन जमीन से 500 किलोमीटर की उचाई पर होने के कारण  यह देखने में असली चाँद से करीब चार गुना बड़ा आसमान में दिखाई देगा।

रूस ने भी बनाना चाहा था आर्टिफीसियल चाँद

यह पहली बार नहीं है जब आर्टिफीसियल चाँद की खोज की जा रही हो, 90 के दशक में रूस के वैज्ञानिक टिम केउन और उनकी टीम द्वारा ऐसा ऑब्जेक्ट बनाने की कोशिश की गयी थी लेकिन टेक्नोलॉजी के उस वक़्त ज्यादा एडवांस न होने के कारण यह प्रोजेक्ट उस समय फेल हो गया था। हालाँकि उसके बाद भी काफी देशो के वैज्ञानिको की टीम ने इसे बनाने की कोशिश की थी  लेकिन हर बार निराशा हाथ लगने के कारण इस प्रोजेक्ट पर काम बंद हो गया था।

करीब 170 मिलियन डॉलर की होगी बचत

China to Launch Artificial Moon
चीन के चुगेंदू में करीब 1.6 मिलियन की आबादी को रौशनी प्रदान करके 170 मिलियन डॉलर की लागत वाली बिजली की बचत इस प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद हो सकेगी। इससे  चीन की आम जनता का बिजली के ऊपर होने वाला खर्च कम होगा और गवर्नमेंट अपने अगले प्रोजेक्ट्स में इस पैसे और एनर्जी को उपयोग कर सकेगी।
सूत्रों के मुताबिक,  इस प्रोजेक्ट से होने वाले प्रकर्ति के नुकसान की भरपाई करने के लिए चीन कुछ नयी योजनाओ और तकनीकों के साथ सामने आ सकता है जिससे की पेड़ पौधों और जानवरो को हुई तकलीफ से निजात पाया जा सके, लेकिन साथ ही में इस प्रोजेक्ट से होने वाले फायदों से चीन विश्व भर के बिज़नेस मार्किट में दुसरे देशो को यह प्रोजेक्ट बेच कर मार्किट में  छा सकता है, लेकिन यह इस प्रोजेक्ट के 2022 में सफल होने के बाद ही संभव होगा।
BY- YASH GARG

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here