जानिए कितना समय लगता है हमारे द्वारा फैलाये गए कूड़े को नष्ट होने में

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HOW LONG DOES GARBAGE TAKE TO DECOMPOSE

कूड़े को अपघटन होने में कितना वक्त लगता है ?

हम प्रतिदिन काफी सारी चीज़ो का प्रयोग करते है और हर चीज़ का वेस्ट यानि कूड़ा होता है। हम बिना सोचे समझे या तो उस कूड़े को ऐसे ही फेक देते है या अगर पढ़े लिखे समझदार हैं तो कूड़ेदान में फेक देते है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है जिस कूड़े को आप फेक रहे है  उस कूड़े का क्या होता है? कहाँ जाता है वो कूड़ा ? कितने वक़्त में उस कूड़े का अपघटन ( DECOMPOSE ) होता है ? आइए जानते हैं इन सब सवालों के जवाब इस उल्लेख द्वारा।

जानिए क्या होता है उस कूड़े का जिसे आप फेकते है –

Waste दो प्रकार के होते है

1. बायोडेग्रेडएबल वेस्ट
2. नॉन बायोडेग्रेडेएबल वेस्ट
जो वेस्ट या कूड़ा प्रकृति के साथ सड़ के उसी में मिल जाता है उसे कहते है बायोडेग्रेडिऐबल वेस्ट। यह वेस्ट ज्यादा समय तक प्रकृति में नहीं रहता। धीरे धीरे डिकम्पोस होकर बायोडेग्रेडिऐबल वेस्ट प्रकर्ति से गायब हो जाता है। लेकिन जो वेस्ट सालो साल तक प्रकर्ति में जीवित रहता है उसे कहते है नॉन बायोडेग्रेडेबल वेस्ट। यह वेस्ट प्रकर्ति को दूषित और गन्दा करता है। नॉन बायोडेग्रेडेब्ल वेस्ट का प्रमुख उदहारण है प्लास्टिक। आजकल हर चीज़ प्लास्टिक में उपलब्ध है जैसे की बर्तन, खिलौने, चश्मा, घडी, पैन, पॉलीथिन और न जाने क्या क्या।

USAGE OF PLASTIC IN DAY TO DAY LIVES

  हर चीज़ में कहीं न कहीं प्लास्टिक का उपयोग हो ही जाता है अन्यथा उस वस्तु का प्लास्टिक में सब्स्टिटयूट जरूर उपलब्ध होता है जैसे कि पहले बाथरूम में इस्तेमाल होने वाले नल ताम्बे या स्टील या लोहे में आते थे लेकिन अब बाथरूम में इस्तेमाल होने वाली हर चीज़ प्लास्टिक में उपलब्ध है। ज्यादातर कॉस्मेटिक्स जिनको हम दिन प्रतिदिन इस्तेमाल करते है वह सब भी प्लास्टिक की बोतल में ही आती है, पॉलिथीन बैग्स जिनका हम चीज़ो को लाने लेजाने में इस्तेमाल करते है वह भी प्लास्टिक से बने होते है और बाकि सभी चीज़ो में प्लास्टिक होता ही है। यह प्लास्टिक हम सभी की जीवन पर कहि ना कहि दुष्प्रभाब डालती है।
अब आप सोच रहे होंगे की जब प्लास्टिक हमारे इतने काम अत्ति है तो वह कैसे हमारे जीवन को प्रभावित करती है ? इसका जवाब यह है कि प्लास्टिक से हमारा आस पास का वातावरण दूषित और गन्दा होता है क्युकि प्लास्टिक डिकम्पोज़ नहीं होती और प्रकति में सालो साल तक ऐसे के ऐसे ही पड़ी रहती है। अगर आप सोचे कि प्लास्टिक को जला के खत्म कर दिया जाये तो जान लीजिए की प्लास्टिक के जलने पर हार्मफुल गैसेस रिलीज़ होती है जिससे की वातावरण में पॉलयूशन भड़ता है और भड़ता हुआ पॉल्यूशन हमारे जीवन के लिए हानिकारक है। इसलिए जरुरी है की प्लास्टिक जैसे नॉन  बायोडेग्रेडेबल वेस्ट को न फैलने दिया जाए और इसका कम से कम प्रयोग किया जाए।

क्या करे इस्तेमाल प्लास्टिक को छोड़ कर ?

हालाँकि प्लास्टिक का इस्तेमाल बिलकुल बंद नहीं किया जा सकता लेकिन कुछ चीज़े ऐसी है जिनमे हम कटौती करके प्लास्टिक को प्रकर्ति से कम कर सकते है जैसे की प्लास्टिक  से बने पॉलिथीन बैग्स।  प्लास्टिक बैग्स की जगह जो चीज़े इस्तेमाल किए जा सकती है वह इस प्रकार है –
1. कपडे या कागज़ से बने बैग्स – यह बैग्स कपड़े या कागज़ के बने हुए होते है जोकि आसानी से डिस्कॉमपोज़ होजाते है और वातावरण में ज्यादा समय तक नहीं रहते अगर फेंक दिए जाये तो। भारत गवर्नमेंट ने देश से गंदगी को कम करने के लिए प्लास्टिक बैग्स बिलकुल बैन कर दिए है।
2. कम्पोसएबल बैग्स – यह बैग्स जूट या अन्य किसी डिकम्पोज़ होने वाले मटेरियल से बने होते है। बड़ी बड़ी फैक्ट्रीज तथा गोदामों में भारी माल को भरने के लिए इन्ही बैग्स का इस्तेमाल होता है। यह बैग्स भी वातावरण में ज्यादा समय तक नहीं रहते अगर फेक दिए जाये तो।
3. इको ट्रैश बैग्स – यह बैग्स देखने में बिलकुल प्लास्टिक के बैग्स के जैसे ही लगते है लेकिन यह आर्टिफीसियल प्लास्टिक से बने होते है जोकि आसानी से डिकम्पोज़ होजाती है।
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BY – YASH GARG

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