2ND OCTOBER SPECIAL “देश मे हुए स्वछता के चार साल पूरे”

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पूरे हुए स्वछता  अभियान के चार साल

साल 2014 में मोदी सरकार ने सत्ता में आते के साथ ही भारत देश की सबसे बड़ी दिक्कत गंदगी को देश से भागने के लिए देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र दामोदर दास  मोदी द्वारा   शुरू किया एक अभियान जिसे नाम दिया गया ” स्वच्छ भारत अभियान“।

क्या था स्वच्छ भारत अभियान ?

यह बात सबको पता है कि महात्मा गाँधी ने भारत देश को अंग्रेज़ो की सालों से कर रहे  गुलामी से आज़ाद कराया।स्वतंत्रता भारतीयों के लिए सिर्फ जरुरत नहीं बल्कि  उनका हक़ थी और इसी हक़ को दिलाने के लिए गांधीजी ने स्वतंत्रता को  अपना सपना बना लिया और उसे पूरा करके दिखाया लेकिन उनका एक सपना जो पूरा न हो सका वह था ” भारत को स्वच्छ देश बनाना “।  ईस्ट इंडिया कंपनी जो की अंग्रेज़ो ने भारत में स्थापित की थी उससे निकल रही गंदगी ने कभी “सोने की चिड़िया” कहे जाने वाले भारत देश को अब रहने लायक भी नहीं छोड़ा था।
जब गाँधीजी  ने सन 1931 में पैदल डांडी मार्च की तब उन्हें उस 12 किलोमीटर की राह पर इतनी गंदगी मिलि की उनका हौसला टूटने लगा और तभी उन्होंने सोच लिया की जैसे ही भारत अंग्रेज़ो की गुलामी से आज़ाद होता है वह सर्व प्रथम देश की गंदगी को साफ करेंगे और देश वासियो से कराएंगे लेकिन स्वतंत्रता मिलने के एक साल के अंदर ही माहत्मा गाँधी चल बसे और उनका देश को साफ़ करने का  सपना अधूरा ही रह गया।

83 साल बाद पूरा हुआ महात्मा  गाँधी का देखा हुआ स्वच्छ भारत का सपना

गांधीजी ने 1931 में देश को साफ करने का सपना देखा जरूर था लेकिन वह उसे पूरा न कर सके और उनके जाने के बाद किसी भी राजनैतिक नेता ने देश को स्वच्छ करने के बारे में नहीं सोचा लेकिन फिर 83 वर्ष के बाद 2 अक्टूबर 2014 में भारत देश के प्रधनमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गाँधी जयंती के अवसर पर देश भर में जारी किया स्वच्छ भारत अभियान जिसके तहत भारत को साफ़ करने और कराने का पांच साल यानि की 2014 -2019 तक के लिए प्रण लिया गया। स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य राष्ट्र की गलियों, सड़को तथा अंधोसंरचना को साफ सुथरा करना है।

102 करोड़ शौचालयों का हुआ निर्माण

125 करोड़ की आबादी वाले देश में  यह पता चलता है की सिर्फ 23 करोड़ हिंदुस्तानी शौचालयों में शौच करते है और बाकी के बचे 102 करोड़ हिंदुस्तानी खुले में शौच कर देश को गन्दा करते है। इसलिए केंद्र सरकार द्वारा हर गांव-कस्बो तथा वस्तियों में तुरन्त शौचालय बनवाने के आदेश जारी किए गए और देश भर में 102 करोड़ शौचालयों का निर्माण करने का फरमान जारी किया गया।
केंद्र सरकार ने सिर्फ शौचालयों के निर्माण में 1.96 लाख करोड़ रुपया खर्च किया है।  देश की  महिलाओ के  बैंक खातों में बीस से चालीस हज़ार रुपय तक ट्रांसफर किए गए ताकि जिन गरीब महिलाओ के घर में शौचालय नहीं है और जो शौचलय बनवाने में असमर्थ है वह इस देय राशि द्वारा अपने घरो में शौचालय बनवा सके और खुले में शौच करने से बचे जिसकी वजह से देश भर में फैल रही बीमारियों से 35% देश ने निजात पाया है और देश में गंदगी द्वारा फैल रही बीमारियों से छुटकारा भी मिला है।

 स्वच्छ भारत अभियान के बाद 10 सबसे साफ रहे शहर

1. इंदौर
2. भोपाल
3. तिरुचिरापल्ली
4. विशाखापत्तनम
5. सूरत
6. राजकोट
7. गंगटोक
8. नई दिल्ली
9. पिंपरी चिंचवड (महाराष्ट्र )
10. ग्रेटर मुंबई

स्वछता की अपील 

तो जैसा की आपने जाना की कैसे देश में स्वतंत्रता के बाद से चल रहे स्वछता की समस्या से छुटकारा पाने के लिए चल रहे स्वच्छ भारत अभियान को अब चार वर्ष पुरे हो चुके है और इस बचे हुए आखिरी वर्ष में आइये हम संकल्प ले की न गंदगी फेलायेंगे और न किसी को फैलाने देंगे। अपने घर और आस पास के माहौल को साफ सुथरा बनाए रखेंगे और देश से गंदगी और गंदगी से होने वाली बीमारियों को ख़त्म करेंगे। किसी जगह को साफ़ करने से शर्माय नहीं क्युकी ये पूरा देश आपका घर है।

अंत में हम JAGGO HINDUSTAN की टीम आपसे आग्रह करती है की – ” बहुत सहली गंदगी की मार, अब बनाएंगे देश को स्वच्छ और करेंगे गंदगी बहार”। 

BY-YASH GARG

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