कहाँ स्थित है भगवान् शिव के बारह ज्योतिर्लिंग ?

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कहाँ स्थित है भगवान् शिव के बारह ज्योतिर्लिंग ?

सम्पूर्ण धरती पर आदि अनादि अनंत देवों के देव महादेव के उपासकों की गिनती करना मुश्किल ही नहीं लगभग असंभव कार्य है। आपने हर गली हर कॉलोनी में शिव मंदिर देखा होगा और लगभग सभी मंदिरों में शिवलिंग देखा होगा। बहुत सी जगह ये शिवलिंग उनके भक्तों के द्वारा स्थापित किये हुए है। लेकिन सम्पूर्ण पृथ्वी पर जहाँ- जहाँ भगवान् शिव स्वयं प्रकट हुए वहाँ पर भगवान् शिव का जागृत रूप शिवलिंग में उपस्थित है जिन्हे ज्योतिर्लिंग कहा जाता है।

इस पृथ्वी पर सिर्फ १२ जगह शिव प्रकट हुए इसलिए सिर्फ १२ ज्योतिर्लिंग है इस धरती, पर जोकि भारत में स्थित है। कहा जाता है जो इन १२ ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर लेता है उसे मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है और जीते जी उसकी सारी मनोकामनायें पूरी हो जाती है. माना जाता है महाशिवरात्रि के दिन, देवता भी इन ज्योतिर्लिंग के दर्शन को आते है. तो आइये जानते है इस धरती पर कहाँ-कहाँ है स्थापित है ज्योतिर्लिंग…

  1. सोमनाथ मंदिर

सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग्स में से एक है, जो गुजरात के सोमनाथ में स्थित है। यह भारत का ही नहीं सम्पूर्ण पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग है. शिव पुराण के अनुसार एक बार प्रजापति दक्ष ने चंद्र देव मतलब चन्द्रमा को शहः होने का श्राप दे दिया था. तब इसी स्थान पर देवी सती सहित सभी ने शिव की तपस्या कर उन्हें प्रस्सन किया था और भगवान् शिव ने उन्हें श्राप मुक्त किया था.

  1. महाकलेश्वर मंदिरभगवान् शिव के बारह ज्योतिर्लिंग

महाकलेश्वर मंदिर उज्जैन, मध्य प्रदेश में  नदी के तट पर स्थित है। इसे महाकाल के नाम से भी जाना जाता है. यह भारत का एक मात्र दक्षिण मुखी एक मात्र ज्योतिर्लिंग है. पूरे विश्व में यहां की जाने वाली भस्म आरती प्रसिद्ध है. कहते है महाकालेश्वर के दर्शन से इंसान मृत्यु के भय से मुक्त हो जाता है. उसकी आयु में वृद्धि होती है और अकस्मात मृत्यु से मुक्त हो जाता है.

  1. केदारनाथ मंदिर

केदारनाथ मंदिर 12 ज्योतिषों में से एक है और उत्तराखंड में हिमालयी सीमा में स्थित है। यह मंदिर बाबा केदारनाथ के नाम से प्रसिद्द है. यह भगवान् शिव को अत्यंत प्रिय है.

  1. त्रिंबकेश्वर मंदिर

त्रिंबकेश्वर मंदिर नासिक के पास त्रिंबक के एक छोटे से शहर में स्थित है। यह गोदावरी नदी के पास स्थित है. यही पास में ब्रम्हागिरी पर्वत है जहाँ से गोदावरी नदी निकलती है. कहा जाता है गौतम ऋषि के आग्रह पर भगवान् शिव ने दर्शन दिए थे और उन्ही के आग्रह पर यहां ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थापित हुए थे.

  1. काशी विश्वनाथ मंदिर

काशी विश्वनाथ मंदिर गंगा नदी के तट पर वाराणसी या बनारस, उत्तर प्रदेश में स्थित है। पुरे भारत में काशी सबसे बड़ा धर्म स्थल माना जाता है. कहा जाता है की यह स्थान प्रलय आने पर भी नष्ट नहीं होगा क्यूंकि इस स्थान की रक्षा खुद भगवान् शिव करते है.

  1. घृष्णेश्वर मंदिर

घृणेश्वर मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद के पास स्थित है। इसी मंदिर के समीप प्रसिद्द एलोरा गुफायें स्थित है.

  1. नागेश्वर मंदिर

नागेश्वर मंदिर गुजरात में स्थित है। यह 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। मंदिर का पूरा नाम नागेश्वर महादेव मंदिर है। यह द्वारिकापुरी के पास स्थित है. कहते है यहां जो भी पूर्ण भाव और श्रद्धा से मांगते है वह सारी मनोकामनायें पूर्ण होती है.

  1. रामेश्वरम मंदिर

रामेश्वरम मंदिर तमिलनाडु में स्थित है और इसे चार धाम माना जाता है। कहा जाता है की रावण से युद्ध करने से पहले स्वयं श्री राम ने इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी. भगवान् श्री राम द्वारा स्थापना किये जाने के कारन ही इसे रामेश्वरम कहा जाता है.

  1. भीमा शंकर मंदिर

भीमा शंकर मंदिर पुणे में सहयाद्री पहाड़ियों के पास भोरगिरी नामक एक छोटे से गांव में स्थित है। कहा जाता है की यह सूर्य उदय के बाद जो भी दर्शन करने आता है उसके सात जन्मों के पाप ख़त्म हो जाते है और उसके लिए स्वर्ग के रास्ते खुल जाते है.

  1. बैद्यनाथ मंदिर

बैद्यनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो भगवान शिव के सबसे पवित्र निवास स्थान हैं। यह झारखंड में देवघर में स्थित है। इससे वैद्य धाम से भी जाना जाता है.

  1. मम्लेश्वर/ ओम्कारेश्वर मंदिर 

मध्य प्रदेश के मंडता में विंध्य पर्वत ने दो हिस्सों, ओमकारेश्वर और ममलेश्वर में विभाजित लिंग की पूजा की और ये मंदिर स्थित हैं। यह इंदौर शहर के पास स्थित है जहाँ नमृता नदी बहती है. यह ज्योतिर्लिंग ॐ का आकर लिए हुए है इसलिए इसे ओम्कारेश्वर कहा जाता है.

  1. मल्लिकार्जुन मंदिर        

भारत में भगवान शिव की एक और ज्योतिर्लिंग ‘मल्लिकार्जुन मंदिर’ आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में एक पहाड़ी पर स्थित है। इस मंदिर का महत्व कैलाश पर्वत के सामान माना जाता है जहाँ भगवान् शिव स्वयं निवास करते है. इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से ही सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है.

By ~ Steffy Brizawar

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